Super Admin · Jul 23, 2026
उदयपुर, 23 जुलाई। शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त बदहाली और युवाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर छात्र संगठन अब सड़कों पर उतर आया है। उदयपुर जिला मुख्यालय पर भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के जिला संयोजक निशाकांत डामोर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पहुंचे प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों का आवाज बुलंद की। मोर्चा की ओर से सौंपे गए ज्ञापनों में उल्लेख किया गया है कि देश भर में नीट पेपर लीक कांड के कारण लाखों परीक्षार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। मानसिक तनाव में आकर जिन छात्रों ने अपनी जान दी है उनके के परिवारों को आर्थिक अनुदान दिया जाए। साथ ही सर्वाेच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में पारदर्शी जांच समिति गठित हो और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें। दिल्ली के जंतर-मंतर पर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई, लाठीचार्ज और मुकदमे दर्ज करने को लोकतंत्र के खिलाफ बताया गया है। सोनम वांगचुक सहित सभी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों का दमन रोकने और दर्ज प्रकरण खारिज करने की मांग की गई है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर राजस्थान के अनुसूचित क्षेत्रों में बदहाल शिक्षा व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। आरोप लगाया गया है कि अच्छा परिणाम दे रहे और समाजसेवी शिक्षकों का राजनीतिक द्वेष के चलते जबरन दूरस्थ जिलों में ट्रांसफर किया जा रहा है। जर्जर स्कूल भवनों, रिक्त पदों और गैर-शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटियों को तुरंत बंद कर ऐसे तबादले रद्द करने की मांग रखी गई। मांगें पूरी न होने पर संगठन ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first!