Super Admin · Aug 22, 2026
उदयपुर। पैगम्बरे इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम के यौमे विलादत की खुशी में इस वर्ष पूरी दुनिया में 1501वां जश्ने ईद मीलादुन्नबी मनाया जा रहा है जिसके चलते उदयपुर शहर में अंजुमन तालीमुल इस्लाम की ओर से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जश्ने ईद मीलादुन्नबी का दो दिवसीय भव्य आयोजन इस्लामी माह की 10 व 11 रबीउल अव्वल सन् हिजरी 1448 के अनुसार 24-25 अगस्त बरोज सोमवार एवं मंगलवार को अंजुमन चौक में आयोजित किया जाएगा। आयोजन को लेकर अंजुमन तालीमुल इस्लाम की ओर से तैयारियां पूरी की जा रही हैं। साथ ही जश्ने ईद मीलादुन्नबी के इस अवसर पर पूरे शहर के सभी मुस्लिम मोहल्लो व जुलूस के मुख्य मार्ग पर साज-सजावट के साथ-साथ विद्युत सजावट भी भव्य स्तर पर की जा रही है। जुलुस में उदयपुर शहर एवं बाहर से बड़ी संख्या में आशिकाने रसूल शामिल होंगे। दो दिवसीय जश्न में देश के मशहूर उलेमा-ए किराम शिरकत करेंगे।
अंजुमन तालीमुल इस्लाम के सदर हाजी मुख़्तार कुरैशी व सेक्रेट्री एडवोकेट मुस्तफा शेख ने बताया कि जश्न के दोनों दिन के जलसों में बरेली शरीफ से खलीफाए ताजुश्शरीआ पीरे तरीकत सैयद सैफ रज़ा कादरी शिरकत करेंगे जो पैगम्बरे इस्लाम की जीवनी एवं उनके द्वारा दी गई शिक्षा पर अपनी तकरीर में बयान करेंगे एवं जश्न के दूसरे दिन आयोजित होने वाले जलसे में खलीफाए ताजुश्शरीआ व मुहद्दिसे कबीर मुफ्ती गुलाम जिलानी अजहरी खंडवा-मध्यप्रदेश की तकरीर जलसे में शामिल होने वाले अकीदतमंदों के लिए मुख्य आकर्षण रहेगी। दोनों दिन के जलसों में नातिया कलाम पेश करने के लिए भिवंडी-मुम्बई से अब्दुल मुस्तफा नूरी शिरकत करेंगे। दो दिवसीय जश्न का संचालन सदर-तंजीमुल उलेमा मौलाना जुलकरनैन बल्यावी, कयादत खलीफाए हुजूर मुजाहिदे मिल्लत मौलाना आस मोहम्मद मुजाहिदी व मौलाना सोबदार आलम करेंगे व इस अवसर पर शहर भर के कई उलेमा-ए-किराम मौजूद रहेंगे। वहीं 26 अगस्त, बुधवार को बाद नमाज-ए-ज़ोहर शहर के अंजुमन चैक से जुलूसे मोहम्मदी निकाला जाएगा। जो कि अंजुमन चौक से रवाना होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए ब्रह्मपोल बाहर स्थित हजरत इमरत रसूल बाबा की दरगाह शरीफ पर पहुंचेगा, जहां अकीदतमंदों की ओर से अंजुमन तालीमुल इस्लाम के संस्थापक व खलीफा ए आला हजरत मौलाना जहीरूलहसन उर्फ बड़े मौलाना साहब के उर्स के चलते उनके मजार शरीफ चादर शरीफ पेश की जाएगी।
अंजुमन तालीमुल इस्लाम की ओर से सभी आशिकाने रसूल से अपील की है कि जश्न-ए-ईद मीलादुन्नबी के इस मुबारक अवसर पर मोहब्बत, भाईचारे और अमनो-सुकून का पैगाम आम करते हुए अधिक से अधिक संख्या में शिरकत करें। अपने-अपने घरों पर चरागां करें, कारोबार बंद रखे, जुलूस में इस्लामी सफेद लिबास, सर पर टोपी या इमामा बांधकर शामिल हो, जुलूस में आतिशबाजी से परहेज करे, जुलूस में अनावश्यक रूप से गाड़ियां नहीं लाए, नबी की मोहब्बत में जुलूस के साथ पैदल चले, तबर्रुकात बांटने व लेने में अदब व एहतराम बनाए रखे, साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखे, अमनो-सुकून और अनुशासन बनाए रखे, किसी भी तरह का गैर-शरई काम नहीं करे, अंजुमन व प्रशासन को पूरा सहयोग करें। साथ ही मुख्य रूप से महिलाओं को जुलूस में साथ चलने के बजाय साइड में खड़े होकर जुलूस देखने की अपील की गई।
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