साहित्य, सम्मान और संवाद से सजी आत्मीय साहित्यिक संध्या

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साहित्य, सम्मान और संवाद से सजी आत्मीय साहित्यिक संध्या

साहित्य, सम्मान और संवाद से सजी आत्मीय साहित्यिक संध्या

Super Admin · Aug 17, 2026

उदयपुर। टीम संस्था, उदयपुर की ओर से आयोजित आत्मीय साहित्यिक संध्या में साहित्य, इतिहास, कला एवं संस्कृति से जुड़े साहित्यकारों, विद्वानों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में सम्मान के साथ विचार-विमर्श एवं संवाद का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार एवं इतिहासकार डॉ. देव कोठारी, बीएन कॉलेज के पूर्व उपाचार्य डॉ. जी.एस. राठौर, हिंदी विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. शारदा पोटा, वरिष्ठ साहित्यकार एवं इतिहासकार डॉ. श्रीकृष्ण कुमार ‘जुगनू’ तथा पूर्व आरएएस अधिकारी दिनेश कोठारी मंचासीन अतिथि रहे। टीम संस्था के सचिव एवं रंगकर्मी सुनील टांक ने मंचासीन अतिथियों सहित उपस्थित साहित्यकारों एवं विद्वजनों का स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. सुरेश सालवी, राजस्थानी विभाग के प्रभारी अध्यक्ष, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, अंकुर प्रकाशन  राजेंद्र पानेरी, गोरीकांत शर्मा, उपनिदेशक, सूचना केंद्र, डॉ. बसंत सोलंकी, सचिव, राजस्थान साहित्य अकादमी, अभीक सरकार क्षेत्रीय अधिकारी सी सी आर टी, डॉ. हुसैनी बोहरा, हिंदी प्रोफेसर, बीएन कॉलेज, डॉ. शारदा भट्ट, प्रसिद्ध संगीतज्ञ एवं पूर्व प्रोफेसर, हेमंत जोशी, शिल्पकार, कहानीवाला रजत, शेली श्रीवास्तव, ओडिसी नृत्यांगना, रुचि सुखवाल, क्राफ्ट डिजाइनर, अशोक कुमार शर्मा, संस्था अध्यक्ष, शैलेन्द्र शर्मा, वरिष्ठ रंगकर्मी, सरिता जैन, साहित्यकार, जेठानंद पंवार, कवि एवं साहित्यकार, आशीष हरकावत तथा अनुजा नाहर सहित अन्य विशिष्ट साहित्यकारों, विद्वजनों एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े व्यक्तित्वों का सम्मान किया गया। मंचासीन अतिथियों डॉ. देव कोठारी, डॉ. शारदा पोटा, डॉ. जी.एस. राठौर, डॉ. श्रीकृष्ण कुमार ‘जुगनू’ एवं दिनेश कोठारी का भी संस्था की ओर से सम्मान किया गया। वहीं कार्यक्रम के मंच संचालन के लिए लक्षा पोटा का सम्मान किया गया। सुनील टांक ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य सम्मान के साथ साहित्यिक संवाद को आगे बढ़ाना था। कार्यक्रम में हाल ही में प्रकाशित पुस्तक “निज के भीतर निज से इतर” तथा उसके लेखक कुंदन माली के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विचार-गोष्ठी एवं संवाद हुआ। साहित्यकारों एवं विद्वानों ने पुस्तक की विषयवस्तु तथा कुंदन माली के रचनात्मक अवदान के विभिन्न पक्षों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में प्रदीप कौशिक, लोकेश सहित अन्य साहित्यकार एवं विद्वजन उपस्थित रहे। आत्मीय वातावरण में सम्पन्न इस आयोजन में सम्मान, संवाद और विचार-विमर्श के माध्यम से साहित्य एवं संस्कृति से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को एक साझा मंच मिला। यह कार्यक्रम कजरी होटल के सभागार में आयोजित हुआ।

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