Super Admin · Aug 5, 2026
उदयपुर। सफाई कर्मचारी भर्ती को लेकर वाल्मीकि समाज का विरोध अब सड़क पर उतर आया है। बुधवार को डॉ. आंबेडकर मेवाड़ पंचायत वाल्मीकि समाज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाज के लोग देहली गेट चौराहे पर एकत्र हुए। यहां यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा का पुतला दहन किया गया और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी रैली के रूप में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में समाज ने 15 अगस्त से प्रस्तावित संविदा आधारित सफाई कर्मचारी भर्ती पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। समाज का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति स्थायी और सीधी भर्ती के माध्यम से की जाए। भर्ती में अनुभव प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त कर वाल्मीकि समाज के जाति प्रमाण पत्र को ही पर्याप्त आधार माना जाए।प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि सफाई कर्मचारी भर्ती को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में शामिल नहीं किया जाए। उनका कहना है कि पहले सफाई कर्मचारियों के लिए अलग भर्ती प्रक्रिया होती थी और उसी व्यवस्था को दोबारा लागू किया जाना चाहिए। साथ ही पूर्व की तरह भर्ती में वाल्मीकि समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने और वर्तमान भर्ती नियमों में संशोधन करने की मांग भी रखी गई। समाज ने उदयपुर में सफाई कर्मचारियों के प्रस्तावित पद 407 से घटाकर 300 किए जाने पर भी विरोध जताया और पदों की संख्या बहाल करने की मांग की। इस दौरान समाज के प्रतिनिधि एडवोकेट तीरथ सिंह खैरालिया ने आरोप लगाया कि संविदा भर्ती, कम मानदेय और पांच वर्ष की सेवा संबंधी शर्तें समाज के युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 अगस्त से पहले सरकार ने भर्ती नियमों में संशोधन नहीं किया तो पूरे राजस्थान में वाल्मीकि समाज व्यापक आंदोलन करेगा।
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