Super Admin · Jul 10, 2026
उदयपुर, 10 जुलाई। जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड विश्वविद्यालय) में अपनी न्यायसंगत मांगों को लेकर कर्मचारियों का आंदोलन अब बेहद उग्र और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की कथित हठधर्मिता, दमनकारी नीतियों और टालमटोल के रवैये के खिलाफ कर्मचारियों का क्रमिक धरना आज 37वें दिन भी पूरी ताकत के साथ जारी रहा। प्रशासन द्वारा आंदोलन को कुचलने के प्रयासों के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. प्रकाश धाकड़ ने बताया कि शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे कार्यकर्ताओं को डराने और दबाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ओछी तरकीबों पर उतर आया है। धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं का वेतन (सैलरी) रोक दिया गया है, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों में गहरा रोष है। इतना ही नहीं, अपनी जायज मांगें उठाने पर कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने के उद्देश्य से 'कारण बताओ नोटिस' (शो-कॉज नोटिस) थमाए जा रहे हैं और उनके धरने को गलत ठहराया जा रहा है।
आंदोलनकारियों ने पुरजोर तरीके से मांग की है कि विश्वविद्यालय के सभी सर्विस रूल्स (सेवा नियम) सार्वजनिक किए जाएं और कर्मचारियों को सौंपे जाएं। कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से मांग किए जाने के बावजूद प्रशासन जानबूझकर इन नियमों को छुपा रहा है ताकि मनमाने ढंग से कार्रवाई की जा सके, जो कि अभी तक कर्मचारियों को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में वर्तमान में परीक्षाएं संचालित हो रही हैं, ऐसे संवेदनशील समय में प्रशासन का अड़ियल रुख छात्रों के भविष्य के साथ सीधे तौर पर खिलवाड़ है। अपनी आवाज बुलंद करने के लिए कार्यकर्ताओं को ऑन-ड्यूटी रहते हुए ही जिला कलेक्टर कार्यालय पर विशाल प्रदर्शन के लिए जाना पड़ा है। वार्ता विफल होने के बाद डबोक परिसर सहित पूरे विश्वविद्यालय में आंदोलन को और तेज कर दिया गया है।
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