Super Admin · Jul 8, 2026
उदयपुर, 8 जुलाई। पेराफेरी जिला संघर्ष समिति ने आबादी भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए बुधवार को जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल से मुलाकात की। समिति ने लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा कर पात्र परिवारों को पट्टे जारी कराने की मांग की।
समिति के संयोजक चंदन सिंह देवड़ा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा निर्देश जारी किए जाने के बावजूद कई क्षेत्रों में आबादी भूमि हस्तांतरण का कार्य अधूरा है। इसके चलते अनेक परिवार पट्टों के लिए आवेदन तक नहीं कर पा रहे हैं। इस पर कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया में तेजी लाने और भूमि हस्तांतरण का कार्य जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया। संघर्ष समिति ने हाल ही में राजकीय भूमि नियमन पर हाईकोर्ट की अंतरिम रोक का भी उल्लेख करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर समिति जनता की ओर से कोर्ट में पक्षकार बनने को तैयार है। समिति का कहना है कि वह अतिक्रमण के समर्थन में नहीं है, लेकिन वर्षों से आबाद भूमि पर रह रहे लोगों को राहत मिलनी चाहिए। यदि चार दशक तक आबादी विस्तार का कार्य प्रशासनिक स्तर पर नहीं हुआ तो इसका खामियाजा आम जनता को नहीं भुगतना चाहिए। समिति ने आरोप लगाया कि 25 जून को जिला प्रशासन द्वारा आबादी भूमि संबंधित पंचायतों और नगर निगम को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए जाने के बावजूद कई स्थानों पर अधिकारी अधूरी रिपोर्ट भेजकर प्रक्रिया को लंबित कर रहे हैं। इसको लेकर समिति के प्रतिनिधियों ने गौरेला शिविर पहुंचकर तहसीलदार गिर्वा का भी घेराव किया। समिति ने बताया कि यूडीए सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति ने 41 गांवों के लंबित प्रकरणों की एनओसी जिला कलक्टर कार्यालय को भेज दी है। साथ ही मांग की गई कि आबादी से सटी उन भूमि का भी संबंधित पंचायतों को हस्तांतरण किया जाए, जहां वर्षों से आबादी बस चुकी है, ताकि पात्र लोगों को पट्टे जारी किए जा सकें। इस अवसर पर प्रकाश प्रजापत, ईश्वर पारगी, हेमराज गुर्जर, शंभूलाल, मोहन सिंह राठौड़, गजेन्द्र सिंह, देवेंद्र सिंह, लोकेश पालीवाल, नवलराम डांगी, चेनराम, देवकिशन सुथार, सोहनलाल, विक्रम कालबेलिया सहित संघर्ष समिति के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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