Super Admin · Jul 13, 2026
उदयपुर, 13 जुलाई। शहर के प्रसिद्ध नीमच माता रोपवे पर सोमवार को किसी भी संभावित आपदा या तकनीकी खराबी की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए बड़े स्तर पर संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान रोपवे में तकनीकी खराबी आने और पर्यटकों के बीच हवा में फंस जाने का काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया, जिसके बाद विभिन्न विभागों ने समन्वित रूप से राहत एवं बचाव अभियान का अभ्यास किया।
मॉक ड्रिल की सूचना मिलते ही NDRF, SDRF, नागरिक सुरक्षा विभाग, अंबामाता थाना पुलिस, चिकित्सा विभाग तथा 108 एंबुलेंस सेवा की टीमें आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचीं। निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार बचाव अभियान शुरू किया गया और रोपवे में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की पूरी प्रक्रिया का सफलतापूर्वक अभ्यास किया गया। रेस्क्यू टीमों ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए तेजी और दक्षता के साथ राहत कार्य को अंजाम दिया।
ड्रिल के दौरान अंबामाता थाना पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए यातायात प्रबंधन किया, जबकि चिकित्सा विभाग और एंबुलेंस सेवा की टीमों ने संभावित घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। अभियान के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, प्रतिक्रिया समय और रेस्क्यू ऑपरेशन की कार्यप्रणाली का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक सुझाव भी दिए।
अधिकारियों ने बताया कि नीमच माता रोपवे पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी आकस्मिक दुर्घटना या तकनीकी खराबी की स्थिति में सभी एजेंसियों का त्वरित, सुरक्षित और समन्वित तरीके से कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर इस प्रकार की संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की जाती है, ताकि वास्तविक आपात स्थिति में बिना किसी भ्रम के राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी ढंग से किया जा सके।
मॉक ड्रिल में NDRF, SDRF, नागरिक सुरक्षा विभाग, अंबामाता थाना पुलिस, चिकित्सा विभाग, एंबुलेंस सेवा सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने इसे आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण अभ्यास बताया।
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