Super Admin · Jul 22, 2026
उदयपुर, 22जुलाई। मुस्लिम महासंघ ने हज-2027 की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर सेंट्रल हज कमेटी एवं अल्पसंख्यक मामलात विभाग को ज्ञापन सौंप कर बताया कि हज 2027 के आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 24 जुलाई किए जाने के बावजूद आवेदनों की संख्या में कमी चिंता का विषय बनी हुई है। सोमवार तक उदयपुर से करीब 170 आवेदन ही प्राप्त होने की जानकारी सामने आई है। वहीं देश के निर्धारित 1.75 लाख के कोटे के मुकाबले अब तक करीब 1.61 लाख आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। राजस्थान का हज कोटा 4 हजार निर्धारित है।
आवेदनों की कमी के कारणों और हज यात्रियों को हो रही परेशानियों को लेकर मुस्लिम महासंघ ने अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार एवं सेंट्रल हज कमेटी के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। महासंघ ने कहा कि आवेदन कम होने का एक प्रमुख कारण हज कमेटी की व्यवस्थाओं को लेकर आमजन में लगातार कम होता विश्वास भी है।
महासंघ ने ज्ञापन में कहा कि हज यात्रियों को पहली किश्त के रूप में 1 लाख 52 हजार 300 रुपये जैसी बड़ी राशि जमा करनी होती है। इसके अलावा यात्रा रद्द करने पर निर्धारित राशि काटने के प्रावधान भी हैं। इतनी बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी के बावजूद हाजियों को हज के दौरान अनेक अव्यवस्थाओं और परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में मक्का-मदीना में होटलों की असंतोषजनक स्थिति, भोजन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से विशेषकर बुजुर्ग हाजियों को होने वाली परेशानी, 4 बेड की क्षमता वाले कमरों में 5 बेड लगाकर यात्रियों को रखने, अनावश्यक रूप से स्मार्ट वॉच का आर्थिक बोझ डालने, खादिम-उल-हुज्जाज द्वारा हाजियों पर पर्याप्त ध्यान नहीं देने, उनकी नियुक्ति में पारदर्शिता की कमी, एयरपोर्ट पर असहयोगात्मक व्यवहार, उड़ानों में देरी एवं संचालन में अव्यवस्था तथा एयरपोर्ट पर सामान चोरी होने जैसी समस्याओं को दूर करने की मांग की गई।
महासंघ ने यह भी कहा कि हज प्रक्रिया को अत्यधिक डिजिटल किए जाने से बुजुर्ग हाजियों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इन सभी समस्याओं का तत्काल समाधान कर हज-2027 की व्यवस्थाओं को पारदर्शी, सुगम और हाजियों के अनुकूल बनाया जाए, ताकि हाजियों का हज कमेटी की व्यवस्थाओं पर विश्वास पुनः कायम हो सके।
महासंघ ने 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ हाजियों को हज यात्रा के किराये में कम से कम 50 प्रतिशत की विशेष छूट देने की भी मांग की, ताकि बुजुर्ग हाजी बिना आर्थिक और मानसिक परेशानी के अपना फर्ज पूरा कर सकें।
इस अवसर पर मुस्लिम महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष हाजी मोहम्मद बख्श (प्यारा भाई), प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद हनीफ, राष्ट्रीय सचिव इरफान मुल्तानी, गुलाम नबी, असलम सक्का, बुलबुल भाई एवं फिरोज खान सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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