Super Admin · Jul 28, 2026
उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष जितेश खटीक और राजस्थान एनएसयूआई के महासचिव महिपाल सिंह कुराबड़ के नेतृत्व में छात्र प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव नहीं होने के बावजूद विश्वविद्यालय द्वारा स्टूडेंट यूनियन फीस वसूली जा रही है। एनएसयूआई ने इस पर स्पष्टीकरण देने और फीस व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की।
संगठन ने विश्वविद्यालय के सभी छात्रावासों की खराब स्थिति, सफाई व्यवस्था, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार की मांग की। साथ ही पिछले 10 वर्षों में हॉस्टलों पर हुए खर्च और पास किए गए बिलों का लिखित विवरण सार्वजनिक करने की भी मांग रखी।
राणा पूंजा हॉस्टल में कई दिनों से चल रही पेयजल समस्या का जल्द समाधान, गर्ल्स हॉस्टल की मेस व्यवस्था में सुधार, कला महाविद्यालय के बाहर वाटर कूलर लगाने और विश्वविद्यालय में बंद पड़े ई-रिक्शा दोबारा शुरू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
एनएसयूआई ने कला महाविद्यालय में अनाथ विद्यार्थियों की फीस फिर से माफ करने, बी.ए. एसएफएस की फीस आधी करने और सरकारी सीटों की संख्या 100 बढ़ाने की भी मांग उठाई।
इसके अलावा विश्वविद्यालय परिसर में ई-मित्र केंद्रों पर कथित अवैध वसूली रोकने, प्रिंट और फोटोकॉपी की दरें निर्धारित करने, अवैध स्टाम्प बिक्री पर रोक लगाने तथा नया टेंडर जारी करने की मांग भी की गई।
छात्र नेताओं ने कहा कि वर्ष 2023 से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने से छात्र लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व से वंचित हैं। उन्होंने कुलपति से आग्रह किया कि विश्वविद्यालय की ओर से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को छात्रसंघ चुनाव बहाल करने के समर्थन में पत्र भेजा जाए। वहीं राजस्थान के विश्वविद्यालयों में मराठी भाषा केंद्र स्थापित करने के निर्देशों का विरोध करते हुए एनएसयूआई ने कहा कि यदि इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने चेतावनी दी कि छात्रों की मांगों की अनदेखी होने पर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
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