500 वर्ष पुरानी ‘जल सांझी’ कला ने जीता देशभर के ट्रैवल एजेंटों का दिल, मेवाड़ की विरासत के हुए मुरीद

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500 वर्ष पुरानी ‘जल सांझी’ कला ने जीता देशभर के ट्रैवल एजेंटों का दिल, मेवाड़ की विरासत के हुए मुरीद

500 वर्ष पुरानी ‘जल सांझी’ कला ने जीता देशभर के ट्रैवल एजेंटों का दिल, मेवाड़ की विरासत के हुए मुरीद

Super Admin · Aug 4, 2026

उदयपुर। फेम टूर के अंतर्गत रमाडा होटल में राजेश वैष्णव द्वारा आयोजित विशेष ‘जल सांझी’ कार्यक्रम ने देशभर से आए ट्रैवल एजेंटों को समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया। करीब 500 वर्ष प्राचीन इस अद्भुत लोक कला की बारीकियों और सौंदर्य ने सभी अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रसिद्ध कलाकार राजेश वैष्णव द्वारा पारंपरिक शैली में तैयार की गई आकर्षक जल सांझी को देखकर ट्रैवल एजेंट भाव-विभोर हो उठे और इस अनूठी कला की मुक्तकंठ से सराहना की। वहीं अंकुर वैष्णव ने जल सांझी के इतिहास, धार्मिक महत्व और इसकी निर्माण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हुए मेवाड़ की इस अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर से सभी को परिचित कराया। फेम टूर के दौरान अतिथियों ने एकलिंगजी मंदिर, सास-बहू मंदिर, पुरोहितों का तालाब, फूलों की घाटी चीरवा सहित कई प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों और आध्यात्मिक वातावरण ने सभी ट्रैवल एजेंटों को गहरे तक प्रभावित किया। इसके अलावा उन्होंने रामाडा, होली माउंट, वसंत कुंज, लालगढ़, लबुआ, दौलतगढ़ एवं वनिंदम ग्रैंड सहित उदयपुर के प्रमुख अतिथ्य संस्थानों का भी अवलोकन किया। इससे पूर्व यूसीसीआई द्वारा सभी ट्रैवल एजेंटों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर यूसीसीआई अध्यक्ष संदीप बाफना, वरिष्ठउपाध्यक्ष अंशुल मोगरा, सचिव आशीष छाबड़ा, पर्यटन उपसमिति के चेयरमैन राकेश चौधरी सदस्य पानिल पोखरण, के.पी. अग्रवाल और अंबालाल साहू सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। यह फेम टूर न केवल मेवाड़ के पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार का सशक्त माध्यम बना, बल्कि यहां की सदियों पुरानी कला, संस्कृति और अतिथि सत्कार की परंपरा ने देशभर से आए ट्रैवल एजेंटों के मन पर अमिट छाप छोड़ दी।

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