Super Admin · Aug 6, 2026
उदयपुर। जिले की बड़गांव पंचायत समिति की ग्राम पंचायत थूर में आवासीय पट्टों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। गांव के लोगों का कहना है कि वे पिछले करीब 20 वर्षों से प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें अपनी जमीन का वैध स्वामित्व नहीं मिल सका।ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत थूर ने आबादी और बिलानाम भूमि को ग्राम पंचायत के नाम आवंटित कराने के लिए वर्षों पहले जिला कलेक्टर को प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव में संबंधित खसरा नंबरों का उल्लेख करते हुए मांग की गई थी कि जिन परिवारों का वर्षों से इस भूमि पर कब्जा और निवास है, उन्हें नियमानुसार आवासीय पट्टे जारी किए जाएं। इसके बावजूद पूरी प्रक्रिया अब तक लंबित बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से समय-समय पर केवल आश्वासन दिए गए, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कई परिवार दशकों से अपने मकानों में रह रहे हैं, फिर भी उनके पास स्वामित्व का कोई कानूनी दस्तावेज नहीं है। इसके कारण उन्हें बैंक से ऋण लेने, सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि लंबित भूमि आवंटन प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लिया जाए और पात्र परिवारों को जल्द से जल्द पट्टे जारी किए जाएं। उनका कहना है कि वे अपने ही घरों में वर्षों से रह रहे हैं, लेकिन कागजों में आज भी उनकी जमीन उनके नाम नहीं है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
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